Skip to main content

*बिहार में हादसों की होली: पटना के मौर्या लोक में भीषण आग, नालंदा में सात महादलितों के घर राख*

*बिहार में हादसों की होली: पटना के मौर्या लोक में भीषण आग, नालंदा में सात महादलितों के घर राख*

*पटना, जेएनएन।* होली की सुबह बिहार के पटना व नालंदा में अगलगी के दो बड़े हादसे हुए। राजधानी के मौर्यालोक (Maurya Lok) में आग से बड़ा नुकसान हुआ। उधर, नालंदा के बिहारशरीफ की एक महादलित बस्‍ती (Mahadalit Basti) में आग से सात गरीबाें के घर राख (Huts gutted) हो गए।

*पटना के मौर्यालोक में लगी आग, आधा दर्जन कारें व कई बाइक राख*

पटना के मॉर्या लोक परिसर के पास एक गोदाम (Godown) में होली की सुबह अचानक आग लग गई। लपटें देखते-देखते तेज हो गईं। मौके पर फार ब्रिगेड (Fire Brigade) की टीम पहुंची, लेकिन तब तक आधा दर्जन कारें व कई बाइक जल चुकी थीं। अगलगी के कारण मॉर्यालोक परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखा। आग के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है।

आग को देख पहले स्‍थानीय लोगों ने बुझाने की कोशिश की। इसके बाद फायर ब्रिगेड की केवल एक गाड़ी पहुंची। फिर बाद में और गाडि़यां भी आईं। बताया जाता है कि आग बुझाने के दौरान फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी का नोजल खराब हो गया। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।

*नालंदा की जले महादलितों के सात घर, होली में पसरा मातम*

उधर, नालंदा जिला मुख्‍यालय स्थित दीपनगर थाना क्षेत्र के कोसुत पुल के समीप महादलित बस्ती में सोमवार की देर रात अचानक  आग लग गई। दुर्घटना में महादलितों के सात फूस के घर राख हो गए। सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। इसके बाद डीएसपी की पहल पर जीवन रक्षक टीम के सदस्यों ने पीड़ित परिवारों के लिए कपड़े की व्यवस्था की। पुलिस का मानना है कि आग खाना बनाने के दौरान लगी।

देर रात की अगलगी ने महादलितों की होली को बदरंग कर दिया। बस्‍ती में मातम पसरा है। लोगों को अब सरकार व प्रशासन से राहत (Relief) का इंतजार है।

*मोहम्मद हम्माद*/दरभंगा *B NEWS*

Comments

Popular posts from this blog

हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लडेगी SDPI: नूरुद्दीन जंगी

हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लडेगी SDPI: नूरुद्दीन जंगी  (अजहर, रियाज, महबूब, सज्जाद, जावेद, हारून को पार्टी में नई जिम्मेदारी दी गई) सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र दरभंगा जिले के हायाघाट विधानसभा क्षेत्र के लिए एक समिति का गठन किया है। मौलाना अजहरुल कासमी को इस नवनिर्वाचित समिति के अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया है।  मौलाना रियाज-उद-दीन, महासचिव मोहम्मद सज्जाद हुसैनी, सचिव जावेद अख्तर और मोहम्मद महबूब रजा को पद के लिए नामांकित किया गया है, जबकि मोहम्मद हारून को खजिम के पद के लिए नामांकित किया गया है। मोहम्मद अख्तर अली, मोहम्मद जफीर, मोहम्मद कैफ़ी को नामित किया गया   कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीपीई बिहार के उपाध्यक्ष  नूरुद्दीन जंगी ने की, इसके अलावा दरभंगा जिला एसडीपीई अध्यक्ष मुहम्मद दहद, महासचिव इश्तियाक, कोषाध्यक्ष मौलाना एहसान, लोकप्रिय फ्रंट ऑफ इंडिया अंसार और डॉ। शार्क रज़ा शामिल थे।  इसके अलावा सैकड़ों लोग और कार्यकर्ता थे।  मीडिया को सूचित करते हुए, नूरुद्दीन ज़ंगी ने कहा कि एसडीपीई हया घाट विधानसभा क...

सफूरा ज़गर को जमानत मिल गई

            सफूरा ज़गर को  जमानत मिल गई | दिल्ली हिंसा से जुड़े एक मामले में आतंकवाद विरोधी कानून के तहत गिरफ्तार एक गर्भवती जामिया मिलिया विश्वविद्यालय की छात्रा सफूरा ज़गर को आज उच्च न्यायालय द्वारा जमानत दे दी गई, जब पुलिस ने "मानवीय आधार" पर इसका विरोध नहीं किया। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सफोरा ज़गर को उन गतिविधियों में शामिल नहीं होने का निर्देश दिया जो जांच में बाधा बन सकती हैं। वह भी बिना अनुमति के दिल्ली नहीं छोड़ सकती सफ़रनामा संशोधन अधिनियम के खिलाफ फरवरी में विरोध प्रदर्शन के दौरान फरवरी में भड़के दंगों के आरोप में साजिश रचने के आरोप में 27 अप्रैल को, सफ़ुरा ज़राग को 27 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत अधिक गंभीर आरोपों में जमानत दी गई थी। उनकी गिरफ्तारी और अव्यवस्था ने छात्रों और कार्यकर्ताओं की कड़ी निंदा की और सोशल मीडिया का तेजी से विभाजन किया

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोर्ट के समन और नोटिस ईमेल, फैक्स और इंस्टैंट मैसेजिंग एप्लिकेशन जैसे व्हाट्सएप के जरिए भेजे जा सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोर्ट के समन और नोटिस ईमेल, फैक्स और इंस्टैंट मैसेजिंग एप्लिकेशन जैसे व्हाट्सएप के जरिए भेजे जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोर्ट के समन और नोटिस ईमेल, फैक्स और इंस्टैंट मैसेजिंग एप्लिकेशन जैसे व्हाट्सएप के जरिए भेजे जा सकते हैं। "यह हमारे ध्यान में लाया गया है कि नोटिस, सम्मन, विनती की सेवाओं के लिए डाकघरों का दौरा करना संभव नहीं था। उपरोक्त सभी तरह की सेवा ईमेल, फैक्स और अन्य त्वरित संदेशवाहक सेवाओं जैसे व्हाट्सएप और अन्य टेलीफोन मैसेंजर के माध्यम से की जा सकती है। सेवाओं, "शीर्ष अदालत ने कहा। जस्टिस ए एस बोपन्ना और आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने कहा, "दो ब्लू टिक्स बताएंगे कि रिसीवर ने नोटिस देखा है।" यह आदेश महामारी के कारण उच्च न्यायालयों और न्यायाधिकरणों में अपील दायर करने की सीमा अवधि बढ़ाने पर सुनवाई के दौरान आया। । #breakingnews   #suprimecort   #whatsapp   #socialsites