Skip to main content

निर्भया केस का फांसी जो फिर से रोका गया जाने ...... क्यों

निर्भया केस का फांसी जो फिर से रोका गया जाने ...... क्यों



NIRBHAYA CASE: अदालत ने निर्भया के दोषियों के डेथ वारंट पर सोमवार को तीसरी बार रोक लगा दी। इस फैसले से आहत निर्भया की मां फूट-फूट कर रोयीं। उन्होंने कहा कि दोषियों के वकील हर बार कानून के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और कानून भी दोषियों का साथ दे रहा है। मैं अब पूरी तरह हार चुकी हूं। निर्भया की मां दोषियों की फांसी पर रोक को लेकर सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान यही दुआ मांगती रहीं कि दोषियों की फांसी पर इस बार रोक नहीं लगेगी, लेकिन अंत में अदालत ने दोषियों की फांसी पर कानूनी प्रावधानों के मद्देनजर रोक लगा दी।निर्भया की मां ने इस फैसले पर बेहद नाराजगी जताते हुए कहा कि मैं बीते सात सालों से अपनी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रही हूं। मैं हर बार हिम्मत बटोरकर अदालत से दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी करवाने के लिए खड़ी होती हूं और मुझे लगता था कि इस बार दोषियों को कोई नहीं बचा सकता
उन्होंने रोते हुए कहा कि दोषी खुलेआम कानून के साथ खेल रहे हैं और अदालत के सख्त निर्देशों के बावजूद दोषियों ने अपने कानूनी विकल्पों का प्रयोग योजनाबद्ध तरीके से किया ताकि उनकी फांसी पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि दोषियों के वकील कभी कोर्ट को बताते हैं कि वह दोषी का केस नहीं लडे़ंगे और फिर दोबारा से अचानक दोषी की पैरवी करने लगते हैं। दोषी फांसी के लिए तय तिथि से एक या दो दिन पूर्व दया याचिका दाखिल करते हैं। मेरा सवाल है कि आखिर उन्हें इतना समय क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अदालत हर बार फांसी को क्यों टाल रही है। लगातार दोषियों की फांसी टलने से सिस्टम की नाकामी साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि पूरा सिस्टम अपराधियों के पक्ष में है। उन्होंने दोषियों द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज करने की मांग करते हुए राष्ट्रपति से भी अनुरोध किया था कि वे फांसी की सजा को कायम रखें ताकि तीन मार्च को दोषियों को फांसी पर लटकाया जा सके।उल्लेखनीय है कि 16-17 दिसंबर 2012 की रात फिथिजियोरेपी की 23 वर्षीय छात्रा से दक्षिणी दिल्ली के वसंत विहार इलाके में चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया था और लगभग 15 दिन बाद पीड़िता की सिंगापुर के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में छठे आरोपी राम सिंह ने मामले की सुनवाई शुरू होने के बाद तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी, जबकि पांचवें आरोपी के नाबालिग होने के कारण उसे तीन साल की सजा पूरी होने पर 2015 में रिहा कर दिया गया था।दोषियों के सभी कानूनी विकल्प हो चुके हैं समाप्त
निर्भया के चारों दोषियों पवन, अक्षय, मुकेश और विनय सभी के कानूनी विकल्प सोमवार को पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं। कानूनी रूप से अब दोषियों के पास फांसी को ज्यादा दिनों तक टलवाने के लिए कोई पुख्ता पैंतरा नहीं है। लिहाजा कोर्ट द्वारा जारी किए जाने वाले चौथे डेथ वारंट पर दोषी रोक नहीं लगवा सकेंगे। इससे पहले दोषी अपने कानूनी विकल्पों को अलग-अलग समय पर प्रयोग करके अब तक फांसी को तीन बार टलवा चुके हैं।

मोहम्मद हम्माद/दरभंगा B NEWS

Comments

Popular posts from this blog

हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लडेगी SDPI: नूरुद्दीन जंगी

हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लडेगी SDPI: नूरुद्दीन जंगी  (अजहर, रियाज, महबूब, सज्जाद, जावेद, हारून को पार्टी में नई जिम्मेदारी दी गई) सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र दरभंगा जिले के हायाघाट विधानसभा क्षेत्र के लिए एक समिति का गठन किया है। मौलाना अजहरुल कासमी को इस नवनिर्वाचित समिति के अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया है।  मौलाना रियाज-उद-दीन, महासचिव मोहम्मद सज्जाद हुसैनी, सचिव जावेद अख्तर और मोहम्मद महबूब रजा को पद के लिए नामांकित किया गया है, जबकि मोहम्मद हारून को खजिम के पद के लिए नामांकित किया गया है। मोहम्मद अख्तर अली, मोहम्मद जफीर, मोहम्मद कैफ़ी को नामित किया गया   कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीपीई बिहार के उपाध्यक्ष  नूरुद्दीन जंगी ने की, इसके अलावा दरभंगा जिला एसडीपीई अध्यक्ष मुहम्मद दहद, महासचिव इश्तियाक, कोषाध्यक्ष मौलाना एहसान, लोकप्रिय फ्रंट ऑफ इंडिया अंसार और डॉ। शार्क रज़ा शामिल थे।  इसके अलावा सैकड़ों लोग और कार्यकर्ता थे।  मीडिया को सूचित करते हुए, नूरुद्दीन ज़ंगी ने कहा कि एसडीपीई हया घाट विधानसभा क...

*'देश नही बिकने दूँगा' कहने वालो ने आज उन 28 सरकारी कंपनियों की लिस्ट जारी की है जिसे वह बेचने जा रहे है*

*'देश नही बिकने दूँगा' कहने वालो ने आज उन 28 सरकारी कंपनियों की लिस्ट जारी की है जिसे वह बेचने जा रहे है* 1- स्कूटर्स इंडिया लि., 2- ब्रिज ऐंड रूफ कंपनी इंडिया लि, 3- हिंदुस्तान न्यूज प्रिंट लि., 4- भारत पंप्स ऐंड कम्प्रेसर्स लि, 5- सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लि., 6- सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लि, 7- भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड, 8- फेरो स्क्रैप निगम 9- पवन हंस लिमिटेड, 10- एअर इंडिया और उसकी पांच सहायक कंपनियां और एक संयुक्त उद्यम, 11- एचएलएल लाइफकेयर, 12- हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स लि., 13- शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, 14- बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड. 15- नीलांचल इस्पात निगम लिमिडेट 16- हिंदुस्तान प्रीफैबलिमिटेड (HPL), 17 - इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स इंडिया लिमिटेड, 18- भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन 19- कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CONCOR) 20- एनएमडीसी का नागरनकर स्टील प्लांट, 21- सेल का दुर्गापुर अलॉय स्टील प्लांट, सलेम स्टील प्लांट और भद्रावती यूनिट. 22- टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDCIL) 23- इंडियन मेडिसीन ऐंड फार्मास्यूटिकल्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (IMP...

लद्दाख झड़प: चीन ने एक लेफ्टिनेंट कर्नल, तीन मेजर सहित 10 जवान रिहा किए

लद्दाख झड़प: चीन ने एक लेफ्टिनेंट कर्नल, तीन मेजर सहित 10 जवान रिहा किए अब तक किसी भारतीय के लापता नहीं होने के दावे किए जा रहे थे, लेकिन अब चीन ने बंधक बनाए भारत के 10 सैनिकों को रिहा किया है। इनमें एक लेफ़्टिनेंट कर्नल और 3 मेजर शामिल हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह रिहाई गुरुवार शाम को हुई। इन सभी को बीते सोमवार को लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में बंधक बना लिया गया था।  1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद यह पहली बार है कि चीन ने भारतीय सैनिकों को बंधक बना लिया था। आनन-फानन में दोनों पक्षों के बीच चली बातचीत के बाद लाइन ऑफ़ कंट्रोल यानी एलएसी पर इन्हें भारतीय पक्ष को सौंपा गया। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार से लेकर गुरुवार तक मेजर जनरल स्तर पर तीन राउंड की बातचीत चली। जब जवानों को सौंपा गया तो उनकी मेडिकल जाँच जैसी औपचारिकताएँ पूरी की गईं। इससे पहले ये दावे किए जा रहे थे कि कोई भी सैनिक या सेना का अफ़सर लापता नहीं है। सेना ने गुरुवार की शाम एक बयान जारी कर पुष्टि की थी कि कोई भी सैनिक लापता नहीं था, जिसका मतलब था कि झड़प में शामिल सभी स...