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फैक्ट चेक: तीन साल पुराने झूठ के सहारे 158 भारतीय सैनिकों के मारे जाने का दावा

फैक्ट चेक: तीन साल पुराने झूठ के सहारे 158 भारतीय सैनिकों के मारे जाने का दावा



सीमा पर चल रहे भारत-चीन तनाव के बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें सेना के कुछ वाहन जलते हुए दिखाई दे रहे हैं. इस तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि सिक्किम में चीनी सेना के रॉकेट हमले में 158 भारतीय सैनिक मारे गए हैं.

फेसबुक पर कई यूजर्स ने यह तस्वीर मिलते-जुलते दावे के साथ शेयर की है, जिनमें कहा गया है, “उत्तरी सिक्किम के नाकू ला सेक्टर में भारतीय और चीनी सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं”. कुछ ने लिखा है, “सिक्किम में चीनी सेना के रॉकेट लॉन्चर हमले में 158 भारतीय सैनिक मारे गए हैं. भारतीय मीडिया यह खबर छुपा रहा है.”

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा गलत है. वायरल तस्वीर तीन साल पुरानी है. चीनी सैनिकों के रॉकेट हमले में 158 भारतीय सैनिकों के मारे जाने का दावा भी गलत है.

बहुत से फेसबुक यूजर्स ने इस तस्वीर के साथ ऐसा ही दावा करते हुए पोस्ट किया है.

रिवर्स इमेज सर्च टूल “TinEye ” की मदद से हमने पाया कि वायरल तस्वीर, तीन अन्य तस्वीरों के साथ जुलाई, 2017 से ही इंटरनेट पर मौजूद है. इसे चीन और पाकिस्तान के मीडिया ने कई बार इस्तेमाल किया है.

2017 में भारत और चीन के बीच डोकलाम विवाद के दौरान कई पाकिस्तानी मीडिया संस्थानों ने इन तस्वीरों को फर्जी खबर के साथ इस्तेमाल किया था, जिनमें कहा गया था कि “158 भारतीय सैनिक चीनी सेना द्वारा मारे गए.”

उस समय भारत और चीन दोनों देशों ने पाकिस्तानी मीडिया की इस फर्जी खबर का खंडन किया था. उस समय भारतीय मीडिया में ऐसी भी खबरें छपी थीं, जिनमें भारत सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वायरल तस्वीर दूसरी घटना की है और इसके साथ किया जा रहा दावा गलत है. यह खबर पूरी तरह बकवास है.

2017 में प्रकाशित कई न्यूज रिपोर्ट्स में यह कहा गया कि अरुणाचल प्रदेश में तवांग के आर्मी कैंप में एक दुर्घटना में मोर्टार विस्फोट हुआ, जिसमें एक सैनिक की मौत हो गई और छह सैनिक घायल हो गए.

सेना के स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, यह वायरल तस्वीर उसी दुर्घटना की है. हालांकि, हमें तवांग दुर्घटना की ठीक वही तस्वीर नहीं मिल पाई जो वायरल हो रही है, इसलिए हम वायरल तस्वीर के मूल स्रोत और इसके बारे विस्तृत सूचना नहीं दे सकते. लेकिन यह कन्फर्म है कि इस तीन साल पुरानी वायरल तस्वीर का मौजूदा भारत-चीन तनाव से कोई ताल्लुक नहीं है.

फिलहाल, भारत या चीन की ओर से ऐसा कोई दावा नहीं किया गया है और न ही ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट आई है जो इस बात की पुष्टि करती हो कि मौजूदा संकट के दौरान किसी भारतीय सैनिक ने अपनी जान गंवाई है. इसलिए यह कहा जा सकता है कि चीनी सेना के हमले में 158 भारतीय सैनिकों के मारे जाने संबंधी वायरल पोस्ट झूठी है.

मोहम्मद हम्माद/ दरभंगा B NEWS

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