Skip to main content

Darbhanga SSP के बॉडीगार्ड ने गोली मारकर की आत्महत्या, इसी महीने की 24 तारीख को होनी थी शादी

Darbhanga SSP के बॉडीगार्ड ने गोली मारकर की आत्महत्या, इसी महीने की 24 तारीख को होनी थी शादी

(घटना की खबर मिलते ही पूरे पुलिस महकमे में खलबली मच गई बताया जाता है कि चिंटू अपने गर्दन में तीन गोली मारी है.)

दरभंगा. इस वक्त की बड़ी खबर बिहार के दरभंगा (Darbhagna) से आ रही है जहां एसएसपी (SSP) के सुरक्षा गार्ड ने गोली मारकर खुदकुशी कर ली है. दरभंगा के एसएसपी बाबूराम के गार्ड चिंटू पासवान ने आत्महत्या की इस घटना को एसएसपी के आवास पर ही अंजाम दिया. जानकारी के मुताबिक मंगलवार की सुबह अचानक से एसएसपी के आवास परिसर में गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी.

खुद को मारी तीन गोलियां

जैसे ही आवास में मौजूद सुरक्षाकर्मी समेत अन्य कर्मचारी दौड़ कर घटनास्थल पर गए तो देखा कि वहां एसएसपी का गार्ड चिंटू पासवान गिरा पड़ा है. बताया जाता है कि चिंटू अपने गर्दन में तीन गोली मारी है. उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना की खबर मिलते ही पूरे पुलिस महकमे में खलबली मच गई. डीएमसीएच परिसर में बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के मंत्री विपुल सिंह नगर थाना अध्यक्ष सत्य प्रकाश झा पुलिस मेंस एसोसिएशन के कई नेता सहित भारी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद है. मृतक अरवल जिला निवासी हैं.

24 जून को होनी थी शादी

जानकारी के मुताबिक लॉकडाउन के दौरान मृतक सिपाही की शादी होने वाली थी लेकिन लॉकडाउन के कारण कई तिथि को आगे बढ़ा दिया गया. अभी वर्तमान में उसकी शादी 24 जून को होनी थी. आत्महत्या की इस घटना को किन कारणों से अंजाम दिया गया है यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है हालांकि सिपाहियों ने घटना को लेकर काफी आक्रोश है. इस मामले में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है.

           B NEWS

Comments

Popular posts from this blog

हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लडेगी SDPI: नूरुद्दीन जंगी

हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लडेगी SDPI: नूरुद्दीन जंगी  (अजहर, रियाज, महबूब, सज्जाद, जावेद, हारून को पार्टी में नई जिम्मेदारी दी गई) सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र दरभंगा जिले के हायाघाट विधानसभा क्षेत्र के लिए एक समिति का गठन किया है। मौलाना अजहरुल कासमी को इस नवनिर्वाचित समिति के अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया है।  मौलाना रियाज-उद-दीन, महासचिव मोहम्मद सज्जाद हुसैनी, सचिव जावेद अख्तर और मोहम्मद महबूब रजा को पद के लिए नामांकित किया गया है, जबकि मोहम्मद हारून को खजिम के पद के लिए नामांकित किया गया है। मोहम्मद अख्तर अली, मोहम्मद जफीर, मोहम्मद कैफ़ी को नामित किया गया   कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीपीई बिहार के उपाध्यक्ष  नूरुद्दीन जंगी ने की, इसके अलावा दरभंगा जिला एसडीपीई अध्यक्ष मुहम्मद दहद, महासचिव इश्तियाक, कोषाध्यक्ष मौलाना एहसान, लोकप्रिय फ्रंट ऑफ इंडिया अंसार और डॉ। शार्क रज़ा शामिल थे।  इसके अलावा सैकड़ों लोग और कार्यकर्ता थे।  मीडिया को सूचित करते हुए, नूरुद्दीन ज़ंगी ने कहा कि एसडीपीई हया घाट विधानसभा क...

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोर्ट के समन और नोटिस ईमेल, फैक्स और इंस्टैंट मैसेजिंग एप्लिकेशन जैसे व्हाट्सएप के जरिए भेजे जा सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोर्ट के समन और नोटिस ईमेल, फैक्स और इंस्टैंट मैसेजिंग एप्लिकेशन जैसे व्हाट्सएप के जरिए भेजे जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोर्ट के समन और नोटिस ईमेल, फैक्स और इंस्टैंट मैसेजिंग एप्लिकेशन जैसे व्हाट्सएप के जरिए भेजे जा सकते हैं। "यह हमारे ध्यान में लाया गया है कि नोटिस, सम्मन, विनती की सेवाओं के लिए डाकघरों का दौरा करना संभव नहीं था। उपरोक्त सभी तरह की सेवा ईमेल, फैक्स और अन्य त्वरित संदेशवाहक सेवाओं जैसे व्हाट्सएप और अन्य टेलीफोन मैसेंजर के माध्यम से की जा सकती है। सेवाओं, "शीर्ष अदालत ने कहा। जस्टिस ए एस बोपन्ना और आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने कहा, "दो ब्लू टिक्स बताएंगे कि रिसीवर ने नोटिस देखा है।" यह आदेश महामारी के कारण उच्च न्यायालयों और न्यायाधिकरणों में अपील दायर करने की सीमा अवधि बढ़ाने पर सुनवाई के दौरान आया। । #breakingnews   #suprimecort   #whatsapp   #socialsites

लद्दाख झड़प: चीन ने एक लेफ्टिनेंट कर्नल, तीन मेजर सहित 10 जवान रिहा किए

लद्दाख झड़प: चीन ने एक लेफ्टिनेंट कर्नल, तीन मेजर सहित 10 जवान रिहा किए अब तक किसी भारतीय के लापता नहीं होने के दावे किए जा रहे थे, लेकिन अब चीन ने बंधक बनाए भारत के 10 सैनिकों को रिहा किया है। इनमें एक लेफ़्टिनेंट कर्नल और 3 मेजर शामिल हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह रिहाई गुरुवार शाम को हुई। इन सभी को बीते सोमवार को लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में बंधक बना लिया गया था।  1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद यह पहली बार है कि चीन ने भारतीय सैनिकों को बंधक बना लिया था। आनन-फानन में दोनों पक्षों के बीच चली बातचीत के बाद लाइन ऑफ़ कंट्रोल यानी एलएसी पर इन्हें भारतीय पक्ष को सौंपा गया। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार से लेकर गुरुवार तक मेजर जनरल स्तर पर तीन राउंड की बातचीत चली। जब जवानों को सौंपा गया तो उनकी मेडिकल जाँच जैसी औपचारिकताएँ पूरी की गईं। इससे पहले ये दावे किए जा रहे थे कि कोई भी सैनिक या सेना का अफ़सर लापता नहीं है। सेना ने गुरुवार की शाम एक बयान जारी कर पुष्टि की थी कि कोई भी सैनिक लापता नहीं था, जिसका मतलब था कि झड़प में शामिल सभी स...