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जिला सील‌ रहने के बावजूद कैसे पहुंच रहे संक्रमित मरीज: नजरे आलम

जिला सील‌ रहने के बावजूद कैसे पहुंच रहे संक्रमित मरीज: नजरे आलम

सरकार और प्रशासनिक अधिकारी सोशल मीडिया की जगह काॅरोना मरीजों पर दें अधिक ध्यान: बेदारी कारवां

पटना- दरभंगा और मधुबनी समेत बिहार के कई जिलों में कॅरोना पाॅजिटिव मरीजों की बिना सही इलाज के ही हो सकती है मृत्यु। ऐसी आशंका ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवां के राष्ट्रीय अध्यक्ष नजरे आलम ने सूत्रों से मिली जानकारी पर जताई है। श्री आलम ने बताया कि सुत्रों से जिस प्रकार की खबरें आ रही हैं वह काफी चिंताजनक है। दरभंगा आदी जगहों पर एक ही हाॅल में दर्जनों संक्रमितों और पाॅजिटिव मरीजों को रखने के कारण और भी पाॅजिटिव मरीजों की बढ़ सकती हैं संख्या। इलाज और चौकसी की जिस प्रकार की जरूरत है वह मरीजों के साथ नहीं बरती जा रही है। बिहार सरकार और प्रशासन को और भी चौकस रहने की है आवश्यकता है। इधर कुछ दिनों से सरकारी बाबू (पदाधिकारियों) सोशल मीडिया पर ऐसे वाह वाही बटोरने लगे मानों जनता सेवक की जगह फिल्मि दुनिया के सेलेब्रिटी बन गए हों। हम बिहार सरकार और केंद्र की सरकार से अपील करते हैं कि इस महामारी को और भी गंभीरता से लें और प्रशासनिक पदाधिकारियों को ज़रूरत के मुताबिक ही सोशल मीडिया पर आने को बोलें और ज्यादा समय जरुरी कामों में लगाएं। श्री आलम ने यह भी कहा कि ना तो कहीं सही जांच की सुविधा है और ना ही कहीं मेडिकल की हालत में कोई सुधार देखने को मिल रहा है। काॅरोना से तो लोग मर ही रहे हैं और दूसरी बिमारी से भी लोग इलाज नहीं हो पाने के कारण मर रहे हैं। जिला सील‌ होने के बावजूद पाॅज़िटिव मरीज कैसे घुस जा रहा है, इसका जिम्मेदार कौन है? सरकार और प्रशासन खामोश क्यों है? सरकार चाहे तो दो साल, चार साल के लिए लॉक डाउन कर दे लेकिन जनता को जो सहुलत चाहिए उसका इंतज़ाम पहले कर दे। मेडिकल जांच, मरीजों के सभी तरह के इलाज, राशन और नगद राशि पर सरकार कुछ भी करने को तैयार नहीं है और ना ही मोदी जी इस पर कुछ कर पा रहे हैं। बहुत सारी जगहों पर लोग बिना इलाज और भूख से मर रहे हैं जिसकी सुद्धी लेने वाला कोई नहीं है। कुछ अफसरान तो शुरू में सोशल मीडिया पर  खूब वाह वाही बटोरी और प्रशासनिक सेवा में ऐसी लापरवाही बरती कि जिला सील होने के बावजूद पाॅज़िटिव मरीज कहां से आ गया, इसपर ना तो प्रशासन के लोग अपनी लापरवाही कबूल कर रहे हैं और ना ही सरकार इसकी जवाबदेही तय कर रही है। जनता की ओर से बिना किसी सरकारी और प्रशासनिक सुविधाओं के लाॅक डाउन में लगातार सहयोग किया जा रहा है। लोग घरों में अपने को कोरनटाइन किए हुए हैं, बहुत सारे डाक्टरस और प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्त्ताओं ने भी अपनी जान‌ जोखिम में डाल रखी है और जनता को‌ हर तरह से लगातार सहयोग कर रहे हैं ऐसे तमाम लोगों को हम सलाम करते हैं और सरकार एवं सोशल मीडिया पर लाइक और शेयर बटोरने वाले सरकारी बाबू से अपील करते हैं कि इस आपदा की घरी में पूरी सतर्कता के साथ बेहतर स्वास्थ्य और मरीजों के सही इलाज की सुविधा उपलब्ध कराए और जहां भी, जो भी जिला सील है वहां सख्ती बरती जाए, वहां जांच मशीन लगाई जाए। गरीब मजदूर और रोजाना कमाने खाने वालों को राशन‌ और रूपया अविलंब उपलब्ध कराया जाए। साथ ही हर क्षेत्र के थाना पर कड़ी निगाह रखी जाए क्योंकि सरकार और वरीय पदाधिकारियों से ऊपर उठकर थाना के कुछ अफसरान इस आपदा की घरी में गैरकानूनी तरीके से गांव और शहर के मुहल्लों में जाकर सीधे गोली मारने की बात करते हैं जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन रहा है। जब जनता ही सरकार का हर स्तर पर सहयोग कर‌ रही है तो‌ फिर इस प्रकार से दहशत फैलाना कहां का इंसाफ है। श्री आलम ने हालात को देखते हुए आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस बिमारी से निपटने के लिए जिस तरह से प्रशासन और सरकार का लगातार सहयोग कर रहे हैं और घरों में रहकर लाॅक डाउन का पालन कर रहे हैं उसे जारी रखें और आगे भी प्रशासन और सरकार का सहयोग करते रहें। खुदको और अपने परिवार को भी सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि हम आशा करते हैं कि केन्द्र सरकार के साथ साथ बिहार सरकार सारे मामले पर गंभीरता पूर्वक ध्यान देगी ताकि हम सब मिलकर काॅरोना को हरा सकें।
                               B News
Source- All India Muslim bedari Karwan

Comments

Unknown said…
बिलकुल सही कहा आपने कि कोरोना के कारण लोग दहशत में

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