Skip to main content

मदरसा दारुल उलूम देवबंद के छात्रावास दारुल कुरान को ISOLATION वार्ड के रूप में इस्तेमाल किया जाए:-मदरसा दारुल उलूम देवबंद

मदरसा दारुल उलूम देवबंद के छात्रावास दारुल कुरान को ISOLATION वार्ड के रूप में इस्तेमाल किया जाए:-मदरसा दारुल उलूम देवबंद

कोरोनावायरस को लेकर
मदरसा दारुल उलूम देवबंद ने राज्य सरकार से कहा है कि जरूरत पड़ने पर वे अपने छात्रावास दारुल कुरान को ISOLATION वार्ड के रूप में इस्तेमाल करें. जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) को (मौलाना मुफ्ती) अबुल कासिम नोमानी ने एक लेटर लिखा जिसमें उन्होंने यह बात स्पष्ट की है कि कोरोनावायरस (कोविड-19) के प्रकोप को रोकने के प्रयासों में हम देश के साथ खड़े हैं इस संबंध में संस्था ने निर्णय लिया है कि  दारुल उलूम देवबंद के जी.टी रोड के निकट स्थित बिल्डिंग (दारुल कुरआन) को रोगियों के उपचार के लिए आइसोलेशन वार्ड के रूप में उपयोग किया जा सके 
यदि वियम स्थितियों में प्रशासन आवश्यकता अनुसार दारुल उलूम देवबंद प्रबंध तंत्र से संपर्क कर उक्त बिल्डिंग को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर उपयोग करना चाहे तो संस्था इस सेवा के लिए तैयार है:-

आप को बता दूं कि

दारुल उलूम देवबन्द भारत का एक इस्लामी स्कूल है। देवबन्द भारत के राज्य उत्तर प्रदेश के ज़िला सहारनपुर का एक क़स्बा है जो सहारनपुर और मुज़फ़्फ़रनगर के बीच स्थित है। देवबंद से सहारनपुर लगभग 45 किलोमीटर और मुज़फ़्फ़रनगर 24 किलोमीटर दूर स्थित है। यह माना जाता है कि यह एशिया का सबसे बड़ा मदरसा है।

Ar_Baaz/ B NEWS

Comments

Popular posts from this blog

हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लडेगी SDPI: नूरुद्दीन जंगी

हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लडेगी SDPI: नूरुद्दीन जंगी  (अजहर, रियाज, महबूब, सज्जाद, जावेद, हारून को पार्टी में नई जिम्मेदारी दी गई) सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र दरभंगा जिले के हायाघाट विधानसभा क्षेत्र के लिए एक समिति का गठन किया है। मौलाना अजहरुल कासमी को इस नवनिर्वाचित समिति के अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया है।  मौलाना रियाज-उद-दीन, महासचिव मोहम्मद सज्जाद हुसैनी, सचिव जावेद अख्तर और मोहम्मद महबूब रजा को पद के लिए नामांकित किया गया है, जबकि मोहम्मद हारून को खजिम के पद के लिए नामांकित किया गया है। मोहम्मद अख्तर अली, मोहम्मद जफीर, मोहम्मद कैफ़ी को नामित किया गया   कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीपीई बिहार के उपाध्यक्ष  नूरुद्दीन जंगी ने की, इसके अलावा दरभंगा जिला एसडीपीई अध्यक्ष मुहम्मद दहद, महासचिव इश्तियाक, कोषाध्यक्ष मौलाना एहसान, लोकप्रिय फ्रंट ऑफ इंडिया अंसार और डॉ। शार्क रज़ा शामिल थे।  इसके अलावा सैकड़ों लोग और कार्यकर्ता थे।  मीडिया को सूचित करते हुए, नूरुद्दीन ज़ंगी ने कहा कि एसडीपीई हया घाट विधानसभा क...

*'देश नही बिकने दूँगा' कहने वालो ने आज उन 28 सरकारी कंपनियों की लिस्ट जारी की है जिसे वह बेचने जा रहे है*

*'देश नही बिकने दूँगा' कहने वालो ने आज उन 28 सरकारी कंपनियों की लिस्ट जारी की है जिसे वह बेचने जा रहे है* 1- स्कूटर्स इंडिया लि., 2- ब्रिज ऐंड रूफ कंपनी इंडिया लि, 3- हिंदुस्तान न्यूज प्रिंट लि., 4- भारत पंप्स ऐंड कम्प्रेसर्स लि, 5- सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लि., 6- सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लि, 7- भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड, 8- फेरो स्क्रैप निगम 9- पवन हंस लिमिटेड, 10- एअर इंडिया और उसकी पांच सहायक कंपनियां और एक संयुक्त उद्यम, 11- एचएलएल लाइफकेयर, 12- हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स लि., 13- शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, 14- बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड. 15- नीलांचल इस्पात निगम लिमिडेट 16- हिंदुस्तान प्रीफैबलिमिटेड (HPL), 17 - इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स इंडिया लिमिटेड, 18- भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन 19- कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CONCOR) 20- एनएमडीसी का नागरनकर स्टील प्लांट, 21- सेल का दुर्गापुर अलॉय स्टील प्लांट, सलेम स्टील प्लांट और भद्रावती यूनिट. 22- टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDCIL) 23- इंडियन मेडिसीन ऐंड फार्मास्यूटिकल्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (IMP...

लद्दाख झड़प: चीन ने एक लेफ्टिनेंट कर्नल, तीन मेजर सहित 10 जवान रिहा किए

लद्दाख झड़प: चीन ने एक लेफ्टिनेंट कर्नल, तीन मेजर सहित 10 जवान रिहा किए अब तक किसी भारतीय के लापता नहीं होने के दावे किए जा रहे थे, लेकिन अब चीन ने बंधक बनाए भारत के 10 सैनिकों को रिहा किया है। इनमें एक लेफ़्टिनेंट कर्नल और 3 मेजर शामिल हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह रिहाई गुरुवार शाम को हुई। इन सभी को बीते सोमवार को लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में बंधक बना लिया गया था।  1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद यह पहली बार है कि चीन ने भारतीय सैनिकों को बंधक बना लिया था। आनन-फानन में दोनों पक्षों के बीच चली बातचीत के बाद लाइन ऑफ़ कंट्रोल यानी एलएसी पर इन्हें भारतीय पक्ष को सौंपा गया। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार से लेकर गुरुवार तक मेजर जनरल स्तर पर तीन राउंड की बातचीत चली। जब जवानों को सौंपा गया तो उनकी मेडिकल जाँच जैसी औपचारिकताएँ पूरी की गईं। इससे पहले ये दावे किए जा रहे थे कि कोई भी सैनिक या सेना का अफ़सर लापता नहीं है। सेना ने गुरुवार की शाम एक बयान जारी कर पुष्टि की थी कि कोई भी सैनिक लापता नहीं था, जिसका मतलब था कि झड़प में शामिल सभी स...